
झारखण्ड राज्य में कृषि के साथ बागवानी की भी अच्छी गुंजाइश है। यहाँ के जंगल, करंज, जामुन, नीम, सखुआ, सागवान, शीशम, सेमल, युक्लिष्टस, इमली, बकाईन आदि वृक्षों से भरे हुए है। जिससे शहद का उत्पादन आधिक होता है। इस तरह हम देखते है कि झारखण्ड राज्य मधुमक्खी पालन के लिए अत्यंत ही उपयुक्त है।
मधुमक्खी की व्यवसायिक कृषि आमजनों के लिए फायदेमंद साबित होने वाली है, ऐसे में मधुमक्खी से शहद उत्पादन करने के लिए इटालियन और देशी प्रजाति के 50 डिब्बे लाये गये हैं। प्रत्येक मौसम में इसकी क्षमता 150-200 किलो शहद उत्पादन की है। डिब्बों के इस संख्या को 100 इकाइयों तक बढ़ाने की योजना है।
जिले में मधुमक्खी के बक्सों की उपलब्धता कम नहीं है, इसलिए भविष्य में पार्क किसानों के लिए एक संसाधन केंद्र के रूप में काम करेगा, ताकि उन्हें कम लागत पर उच्च लाभ मिल सके।
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शहद की खेती के लिए निश्चित लागतः 9300 (हनी बॉक्स, हनी एक्सट्रैक्टर, हाइव एक बॉक्स के लिए 5), मास्क, कवर, कंटेनर सहित।
निर्धारित लागत एवं अन्य व्यय सहित एक वर्ष में शहद की खेती में कुल व्ययः-110000