मुर्गीपालन

खूंटी में सफेद चिकन (ब्रॉयलर) और देशी किस्म के चिकन आमतौर पर पाए जाते हैं। ब्रॉयलर किस्मों की प्रजातियों की देखभाल में अधिक समय लगता है और यह रोग प्रवृत भी होते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए मुर्गीपालन के लिए सोनाली प्रजाति को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह अंडा और मांस उत्पादन, तेजी से विकास और कम मृत्यु दर गहन कृषि प्रणाली के संबंध में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए सूचित किया गया है।

चूजों को एक हज़ार से दो हज़ार के बैच में 15 दिनों तक के लिए हार्डनिंग केंद्र में रखा जाता है ताकि चूजों को बीमारी से बचाते हुए रोग मुक्त बनाया जा सके।

चूजों की आत्मनिर्भरता के लिए फार्म में हैचरी इकाई की स्थापना की गई है, इस पहल से फार्म द्वारा ग्रामीणों को उचित दर पर चूजे उपलब्ध कराये जा सकेंगे। इस स्थान पर लेयर व ब्रायलर दोनों प्रकार के मुर्गियों को रखा जाता है। लेयर मुर्गी का इस्तेमाल अण्डों के उत्पादन के लिए किया जाता है तो वही ब्रायलर मुर्गियों का इस्तेमाल मीट के लिए भी किया जाता है।

आने वाले समय में कड़कनाथ चिकन, कुरोइलर की नस्ल, और अंडों के लिए लेयर बर्ड्स रखे जाएंगे।

पार्क में एक संपूर्ण पोल्ट्री पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का विचार है जहां हम पक्षियों की देखभाल, टीकाकरण, चारा आदि के मामले में किसानों को तकनीकी और मूलभूत सहायता प्रदान करने में सक्षम हैं।

Goat Farming

We provide complete guidance for scientific goat farming using modern and sustainable techniques. Goat farming is one of the most profitable livestock activities, especially suitable for small farmers, offering regular income through meat, milk, and organic manure with low maintenance cost.

  • Scientific shed design & housing management
  • High-yield breed selection & breeding support
  • Nutritious feed planning & fodder management
  • Vaccination, health care & disease prevention
  • Waste utilization & profit maximization strategies

सोनाली नस्ल (पोल्ट्री) के लिए लागत लाभ विश्लेषण

किसान पाठशाला में एक हैचरी इकाई का भी अधिष्ठापन किया गया है। इस इकाई की क्षमता 2000 चूजे प्रति सप्ताह की है। इस प्रणाली की मदद से किसानो को स्वास्थ्य एवं रोग मुक्त चूजे मिलने में असानी होगी।

  • लागत लाभ विश्लेषण: 1120 पक्षी (1000 मादा/120 बर)
  • 6.5 महीने में 1120 पक्षियों में कुल खर्च: 543,000
  • चूजे: 25*1120-28000
  • फ्रीड: (50 किग्रा) 220 बीग्स * 2200 = रु 484,000
  • वैक्सीन: 1000
  • श्रम लागत: 30,000
  • 1064 पक्षियों में कुल अंडा उत्पादन: 130*1064=138320 अंडे
  • बिक्री मूल्य 5/अंडा: 1,38,320*5=6,91,600
  • पक्षी का विक्रय मूल्य: 100/पक्षी 100*1043=1,04,300
  • कुल आय (अंडा पक्षी): 691,600+1,04,300
  • लाभ/हानिः आय-व्यय: (795900-543,000)
  • लाभ: 2,52,900 लाभ